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संघर्ष

संघर्ष
सपनों के हकीकत से
हकीकत के सपनों का ।
अपनों की खुशियों में
खोये स्थूल से
जीवन के अस्तित्व का ।।
हिम्मत की नींव से
उसके अपने दर्द का ।
अन्तर्मन के भावों का
भौतिक परिभाषाओं से ।।
जी चुकी सांसों का
महसूस हो रही हवाओं से ।
आचरण के संबल से
शब्दों के नसीहत का ।।
जिए पलों की नरमी से
मौसम की गरमी का ।
आत्मा के बन्धन से
मन की उलझन का ।।
एहसास के मौन सवालों से
बुद्धि के बोलते जबाबों का ।
फूलों की खुशबू से
काँटो की चुभन का ।
सत्य से
किस्मत का ।।



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उम्मीद

  ना उम्मीद कर किसी से नसीहत देते हैं, अपने भी । हाँ, क्यूँ करना चाहिए , क्या जरूरत है । रिश्ते, नाते ,एहसास सब बेमानी है। कौन कितने कदम साथ रहेगा, यह वक्त और जरूरत तय करेगा, तेरे जज्बात नहीं ।। सांसे चलानी है तो वक्त के साथ परिभाषा बदल ले अपनों की, अपनी धड़कन की , नसीहत बिठा ले मन में ।। पर, बार बार टूटने पर भी ना समझ पायेगा तू दिमाग गिरवी जो रख दिया है अपनों के पास ।।